SRC का विकास या रियल एस्टेट के हिसाब से फैसले?

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शेयरहोल्डर्स को ही जानकारी नहीं, फिर SRC का संचालन किसके हित में?

गांधीधाम स्थित SRC के मौजूदा संचालन और डायरेक्टर्स की कार्यप्रणाली को लेकर अब कई गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं।

जिस संस्था और जमीन से हजारों शेयरहोल्डर्स के हित जुड़े हैं, क्या उन्हीं शेयरहोल्डर्स को जमीन, प्लॉट, लीज, आर्थिक स्थिति और लिए जा रहे फैसलों की पूरी जानकारी है?

अगर शेयरहोल्डर्स ही अपनी संपत्ति और संस्था के फैसलों से अनजान हैं, तो आखिर SRC का संचालन किसके हित में हो रहा है?

बंद कमरों में फैसले या पारदर्शी व्यवस्था?

SRC की जमीन और कमर्शियल गतिविधियों से जुड़े फैसले कितने पारदर्शी तरीके से लिए जाते हैं?

किस जमीन पर क्या निर्णय हुआ?
किसे प्लॉट मिला?
किस नियम के तहत मिला?
किसे फायदा हुआ?
और इन फैसलों में शेयरहोल्डर्स के हित को कितना महत्व मिला?

इन सवालों का जवाब मौजूदा डायरेक्टर्स को सार्वजनिक रूप से देना चाहिए।

SRC का विकास या रियल एस्टेट के हिसाब से फैसले?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि SRC की जमीन और विकास संबंधी फैसले शहर और शेयरहोल्डर्स के दीर्घकालीन हित को देखकर लिए जा रहे हैं या रियल एस्टेट कारोबार की जरूरतों के हिसाब से?

अगर आरोप है कि फैसले रियल एस्टेट के व्यावसायिक हितों के अनुसार किए जा रहे हैं, तो इसका सच दस्तावेजों से सामने आना चाहिए।

किस जमीन का कितना मूल्य है?
किसे किस कीमत पर जमीन मिली?
किस आधार पर कमर्शियल उपयोग की अनुमति दी गई?
और SRC को इससे कितना आर्थिक लाभ हुआ?

और अब सबसे सीधा सवाल—दलाली कितनी?

जमीन और कमर्शियल लेन-देन में किसी प्रकार की ब्रोकरेज, कमीशन या आर्थिक लाभ लिया गया या नहीं?

अगर लिया गया, तो—

किसने लिया?
कितना लिया?
किस सौदे में लिया?
किसे भुगतान किया गया?
और क्या उसका पूरा हिसाब SRC के रिकॉर्ड में दर्ज है?

यह सवाल किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने के लिए नहीं, बल्कि SRC में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।

करोड़ों की संपत्ति, फिर भी सवालों का अंबार

SRC की जमीन, आर्थिक संसाधन, शेयरहोल्डर्स के अधिकार, पार्किंग, कमर्शियल विकास और कथित बकाया वसूली जैसे मुद्दों पर अगर इतने सवाल लंबे समय से मौजूद हैं, तो मौजूदा बोर्ड और डायरेक्टर्स की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

शेयरहोल्डर्स को भाषण नहीं—दस्तावेज चाहिए।
वादे नहीं—काम चाहिए।
बंद कमरे के फैसले नहीं—पारदर्शिता चाहिए।
और सबसे बढ़कर—अपनी जमीन और अपने अधिकारों का पूरा हिसाब चाहिए।

अब सवाल सिर्फ SRC के विकास का नहीं है।

सवाल यह है कि SRC का नियंत्रण और संसाधन आखिर किसके हित में इस्तेमाल हो रहे हैं?

मौजूदा डायरेक्टर्स के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है—शेयरहोल्डर्स को हर महत्वपूर्ण फैसले की पूरी जानकारी कब और कैसे दी जाएगी?

नोट: इस इंटरव्यू में व्यक्त आरोप/दावे संबंधित वक्ता के बयानों पर आधारित हैं। वित्तीय, जमीन और कानूनी मामलों की वास्तविक स्थिति के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि आवश्यक है।

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Author: sajagkutch

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