गुजरात भाजपा के प्रदेश संगठन में हाल ही में किए गए बड़े बदलाव, जिसमें कई दिग्गज नेताओं को बाहर कर नए चेहरों को शामिल किया गया था, अभी तक चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी बीच अब भाजपा के शहर और जिला संगठन को लेकर भी सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व द्वारा पदाधिकारियों के लिए नए सिरे से नाम मंगवाए जाने से नेताओं और कार्यकर्ताओं में हैरानी देखी जा रही है।
दोबारा नाम मंगवाए जाने से बढ़ी उलझन
प्रदेश संगठन की घोषणा से पहले ही शहर और जिला अध्यक्षों के नाम घोषित किए जा चुके थे। इसके बाद संगठन में स्थान पाने के लिए कई दावेदार सक्रिय हो गए थे और राजनीतिक लॉबिंग भी शुरू हो चुकी थी।
इसी बीच प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पंचाल ने शहर-जिला संगठन का मामला अपने हाथ में लेते हुए दो दिन पहले सभी शहर और जिला अध्यक्षों को कमलम बुलाया और संगठन के पदाधिकारियों के लिए फिर से नाम भेजने के निर्देश दिए।
यह फैसला इसलिए चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि पहले ही पदाधिकारियों के नाम भेजे जा चुके थे, इसके बावजूद चयन प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
पदों पर सिफारिश नहीं, जातीय संतुलन पर चयन
प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पंचाल ने साफ निर्देश दिए हैं कि संगठन में अब मनमानी या सिफारिश के आधार पर नियुक्ति नहीं की जाएगी। पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ही मौका दिया जाएगा।
साथ ही, जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए शहर और जिला संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। कमलम से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी पद के लिए सिफारिश न की जाए, अंतिम निर्णय पूरी तरह पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
12 जनवरी तक हो सकता है फैसला
सूत्रों के मुताबिक, 12 जनवरी तक शहर और जिला संगठन के पदाधिकारियों का चयन पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मकर संक्रांति के आसपास पदाधिकारियों की आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
