आगामी T20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलिया ने कप्तान मिचेल मार्श की अगुवाई में अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने भारत और श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम में स्पिन गेंदबाजी को खास तवज्जो दी है। इस टीम में कुछ नए चेहरों को मौका दिया गया है, वहीं फिटनेस से जूझ रहे सीनियर खिलाड़ियों पर भी भरोसा जताया गया है।
ऑस्ट्रेलिया के सभी ग्रुप स्टेज मुकाबले श्रीलंका में खेले जाएंगे, जहां स्पिनरों की भूमिका अहम मानी जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, श्रीलंका में T20 मैचों में करीब 43.5 प्रतिशत विकेट स्पिन गेंदबाज लेते हैं और उनकी इकॉनमी रेट तेज गेंदबाजों से कम रहती है। इसी वजह से टीम में अतिरिक्त स्पिन विकल्प शामिल किए गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि टीम में किसी भी लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज को जगह नहीं मिली है। मिचेल स्टार्क पहले ही T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि स्पेंसर जॉनसन पीठ की चोट के कारण बाहर हैं। चयनकर्ताओं ने ब्रिस्बेन हीट के तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट को मौका दिया है। इसके अलावा मैथ्यू शॉर्ट, मैथ्यू कुह्नमैन और बार्टलेट T20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं।
फिटनेस को लेकर चिंताओं के बावजूद पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड और टिम डेविड को टीम में शामिल किया गया है। चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने भरोसा जताया है कि ये खिलाड़ी टूर्नामेंट शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। ICC नियमों के तहत 31 जनवरी तक टीम में बदलाव की अनुमति है, जिससे स्टैंडबाय खिलाड़ियों के लिए भी मौका खुला रहेगा।
टीम में जोश इंग्लिस को एकमात्र विशेषज्ञ विकेटकीपर चुना गया है, जबकि एलेक्स केरी और जोश फिलिप को जगह नहीं मिली। कुल मिलाकर, ऑस्ट्रेलियाई टीम संतुलन, स्पिन आक्रमण और अनुभव के दम पर T20 वर्ल्ड कप में मजबूत दावेदारी पेश करती नजर आ रही है।
