गुजरात अब केवल विकास ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मकरसंक्रांति पर्व के शुभ अवसर पर गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 12 और 13 जनवरी को राज्यभर में ‘पोषण उड़ान–2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य और जनजागरूकता को लोकपर्व से जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की गई।
‘पोषण उड़ान–2026’ कार्यक्रम के अंतर्गत ICDS (एकीकृत बाल विकास सेवा) योजना के तहत राज्य, जोन, जिला, परियोजना और आंगनवाड़ी केंद्र स्तर पर विविध पोषण-केन्द्रित गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों, किशोरियों और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ यह कार्यक्रम जन-आंदोलन का रूप लेता नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संदेशों के साथ पतंग निर्माण प्रतियोगिता, किशोरियों के लिए क्विज, खेल-कूद और ज्ञानवर्धक गतिविधियां, शीत ऋतु के लिए उपयुक्त पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, तथा पारंपरिक सुपरफूड ‘सरगवा’ (ड्रमस्टिक) के पोषण महत्व पर विशेष जानकारी दी गई। इसके साथ ही टेक होम राशन (THR) और मिलेट्स/श्री अन्न से तैयार पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन कर लोगों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग का उद्देश्य इस कार्यक्रम के माध्यम से पोषण को रोचक, सुलभ और व्यवहारिक बनाना रहा, ताकि समाज के हर वर्ग तक पोषण का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचे। लोकपर्व मकरसंक्रांति को माध्यम बनाकर बच्चों और परिवारों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर और सशक्त भविष्य की नींव सही पोषण से ही रखी जा सकती है।
‘पोषण उड़ान–2026’ न केवल एक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह स्वस्थ गुजरात, सशक्त गुजरात की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा। इस पहल के जरिए गुजरात ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य भी राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
