अहमदाबाद महानगरपालिका द्वारा शहर के विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच शेला इलाके में प्रशासनिक लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शेला VIP रोड पर बिजली के खंभे हटाए बिना ही नई डामर सड़क बिछा दी गई, जिससे सड़क के ठीक बीचों-बीच खंभे खड़े रह गए हैं। इसके बावजूद काम पूरा घोषित कर दिया गया, जिससे AMC की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण से पहले अहमदाबाद महानगरपालिका और बिजली कंपनी के बीच किसी भी तरह का समन्वय नहीं किया गया। खंभे स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी किए बिना जल्दबाजी में सड़क बना दी गई, जिसके कारण अब ये बिजली पोल वाहन चालकों के लिए चलते-फिरते खतरे बन चुके हैं। यह VIP रोड काफी व्यस्त रहता है और खासकर रात के समय बीच सड़क खड़े खंभों के कारण बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
इस लापरवाही को देखकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराज़गी है। लोगों का कहना है कि यह न केवल आम जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, बल्कि करदाताओं के पैसे की खुली बर्बादी भी है। सड़क के दोनों ओर डामर बिछा हुआ है और बीच में खड़े बिजली के खंभे प्रशासनिक अराजकता की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
इसी तरह का एक और मामला शहर के पूर्वी क्षेत्र हाटकेश्वर सर्कल के पास भी सामने आया है। यहां जर्जर ओवरब्रिज को तोड़ने की कार्रवाई के दौरान मुख्य पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके चलते बीते तीन दिनों से लाखों लीटर साफ पानी सड़कों पर बहकर नालियों में जा रहा है। इलाके में जलभराव जैसी स्थिति बन गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा तक नहीं है।
सिर्फ AMC ही नहीं, बल्कि AUDA की कार्यशैली पर भी पहले सवाल उठ चुके हैं। बोपल-घुमा क्षेत्र में घुमा-शीलाज रेलवे ओवरब्रिज का मामला अब भी लोगों को याद है, जहां करोड़ों रुपये खर्च कर पुल तो बना दिया गया, लेकिन उसके एक छोर पर सड़क ही नहीं थी। ऐसे मामलों ने शहरी विकास योजनाओं में भारी लापरवाही और आपसी समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है।
अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन कब तक ऐसी गलतियों से सबक लेगा और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।
