उत्तरायण का पर्व सूरत में कई परिवारों के लिए मातम बनकर आया। 14 जनवरी को पतंग की डोर से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। एक घटना में पिता और मासूम बेटी पुल से नीचे गिर गए, जबकि दूसरी घटना में एक युवक की पतंग की डोर से गला कटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई।
पहली घटना सूरत के वेड रोड और अडाजण को जोड़ने वाले चंद्रशेखर आज़ाद ब्रिज पर हुई। शाम के समय 35 वर्षीय रेहान अपनी पत्नी और 7 वर्षीय बेटी आयेशा के साथ सुभाष गार्डन घूमकर बाइक से घर लौट रहा था। तभी अचानक पुल पर पतंग की डोर सामने आ गई। डोर से संतुलन बिगड़ने पर बाइक डिवाइडर से टकरा गई और तीनों पुल से नीचे गिर पड़े। इस भयावह हादसे में रेहान और उसकी मासूम बेटी आयेशा की मौके पर ही मौत हो गई। रेहान की पत्नी नीचे खड़ी एक रिक्शा पर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दूसरी घटना सूरत के वेसु इलाके की है। 23 वर्षीय युवक मॉपेड से गुजर रहा था, तभी लाल घोड़ा क्षेत्र में अचानक पतंग की डोर उसके गले में फंस गई। डोर से गला कटने और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पतंग की डोर कितनी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जा रही है कि वाहन चलाते समय गले की सुरक्षा के लिए सावधानी बरती जाए, फिर भी इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं।
