संसद प्रश्न: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की संस्थाओं में वित्तीय चूक

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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट संख्या 29/2025 में वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया गया है, जिसमें भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा निजी हवाई अड्डा संचालकों से मौसम संबंधी शुल्कों और वैधानिक करों के रूप में 7.28 करोड़ रुपये की वसूली न होना और भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) द्वारा अनिवार्य अनुमोदन के बिना भवनों पर कब्जा करने के लिए लगाए गए 1.58 करोड़ रुपये के जुर्माने का विवरण शामिल है। तत्‍संबंधी विवरण निम्‍नानुसार है;

दो निजी हवाई अड्डा संचालकों के विरुद्ध भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) को विमानन मौसम विज्ञान शुल्क/वैधानिक लेवी के रूप में 7.28 करोड़ रुपये की राशि बकाया थी। हालांकि, कुछ अन्य निजी और राज्य सरकार के हवाई अड्डे भी हैं जिन्होंने आईएमडी को मौसम विज्ञान शुल्क का भुगतान नहीं किया है, जैसा कि सारणी (बी) में दर्शाया गया है।

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) ने 2014-15 से 2021-22 के दौरान आवश्यक अनिवार्य स्वीकृतियों के बिना भवनों पर कब्जा करने के लिए ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) को जुर्माने के रूप में 1.58 करोड़ रुपये का भुगतान किया। जीएचएमसी द्वारा लंबी वैधानिक प्रक्रिया के कारण कब्जे के समय कब्‍जाधारण हेतु प्रमाणपत्र (ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट) प्राप्त नहीं किए गए थे, लेकिन अब परिसर को पूरी तरह से नियमित कर दिया गया है और जीएचएमसी से सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं।

आईएमडी को देय राशि और पिछले पांच वर्षों के दौरान वसूल की गई राशि का विवरण इस प्रकार है:

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Author: sajagkutch

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