भारत में एकसमान और प्रभावी कानून-निर्माण को सुदृढ़ करने के लिए लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने के 36वें बेसिक पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया गया

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विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के अंतर्गत विधायी प्रारूपण और अनुसंधान संस्थान (आईएलडीआर) द्वारा आयोजित लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने का 36वां बेसिक पाठ्यक्रम 22 जुलाई, 2026 को विधि सभागार, कर्तव्य भवन-02, नई दिल्ली में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के लिए शुरू किया गया। उद्घाटन सत्र में विधायी विभाग एवं विधि कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि, अतिरिक्त सचिव एवं पाठ्यक्रम निदेशक (आईएलडीआर) डॉ. मनोज कुमार और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर डॉ. राजीव मणि ने देश में कानूनों में स्पष्टता, एकरूपता और कानूनी निश्चितता सुनिश्चित करने के लिए, विशेष रूप से जमीनी-स्तर पर विधायी सुधारों के युग में, एक समान लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे उनके प्रभावी कार्यान्वयन में सुविधा हो सके।

इस पाठ्यक्रम का उद्घाटन देश में संरचित प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण पहलों के माध्यम से लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने की क्षमता को मजबूत करने के लिए विधायी विभाग की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

इस पाठ्यक्रम में 13 राज्य सरकारों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 18 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हुए हैं। यह पाठ्यक्रम 22 जुलाई, 2026 से 25 सितंबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने के सिद्धांतों की समझ को बढ़ाना और लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है जिससे उन्हें प्रभावी लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्राप्त हो सके।

इस कार्यक्रम से लेजिस्लेटिव ड्राफ्ट तैयार करने में एकरूपता, सटीकता और उत्कृष्टता को और बढ़ावा मिलने तथा राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने की उम्मीद है।

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Author: sajagkutch

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