प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवात्मा और परम चेतना के बीच के गहरे आध्यात्मिक एवं ब्रह्मांडीय संबंध को रेखांकित किया

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें जीवात्मा और परम चेतना के बीच के गूढ़ ब्रह्मांडीय संबंध को रेखांकित किया गया।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“यश्चायमस्मिन्नाकाशे तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः।

यश्चायमस्मिन्नात्मनि तेजोमयोऽमृतमयः पुरुषः सर्वानुभूः॥”

विस्तृत आकाश या अंतरिक्ष में व्याप्त वही परम शक्तिमान और शाश्वत सत्य हमारी आत्मा में भी विराजमान है। इसीलिए कहा गया है—जो कुछ भी जीव में अथवा प्रत्येक कण में विद्यमान है, वही ब्रह्मांड में भी विद्यमान है।

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Author: sajagkutch

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