महाशिवरात्रि 2026: कालसर्प दोष निवारण के लिए सबसे शुभ दिन और उपाय

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ज्योतिष के अनुसार महाशिवरात्रि को भगवान शिव का अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है और इस दिन की साधना से कालसर्प दोष का प्रभाव कम करने में विशेष फल मिलने की मान्यता है। कालसर्प दोष तब बनता है जब राहु‑केतु ग्रह मानचित्र में सभी ग्रहों को बीच में फँसा देते हैं जिससे जीवन में बाधाएँ, मानसिक तनाव और अप्रत्याशित समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन महाशिवरात्रि दिवस पर भगवान शिव की भक्ति और उपायों से इसे नकारात्मक प्रभाव से मुक्त करने की शक्ति बढ़ती है। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15‑16 फरवरी को पड़ रही है तथा इस शुभ समय में भगवान शिव को पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल आदि से विधिपूर्वक अभिषेक करने का विशेष महत्व है। भक्तों को इस दिन उपवास रखकर, रात भर जागरण करके और शिव मंत्रों जैसे ‘ॐ नमः शिवाय’ तथा राहु‑केतु मंत्र का जाप 108 बार करने से कालसर्प दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है और जीवन में सुख‑समृद्धि, मानसिक शांति तथा बाधाओं से मुक्ति की कामना सिद्ध होती है। साथ ही विद्वानों के अनुसार इस दिन बड़े श्रद्धा से शिवलिंग की पूजा तथा दान‑धर्म करने से भी दोष के प्रभावों का शमन संभव है जिससे व्यक्ति के भाग्य में सकारात्मक परिवर्तन आता है।

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Author: sajagkutch

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