अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब केवल सैन्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद भारी साबित हो रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका इस युद्ध में हर दिन करीब 890 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹8,455 करोड़ खर्च कर रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह खर्च हर सेकंड करीब 10,300 डॉलर यानी लगभग ₹9.8 लाख बैठता है। यानी युद्ध का हर पल अमेरिका के लिए बेहद महंगा साबित हो रहा है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने के सिर्फ 31 दिनों में ही अमेरिका का कुल खर्च लगभग 27.68 अरब डॉलर (करीब ₹2.63 लाख करोड़) तक पहुंच चुका है।
अगर खर्च का ब्योरा देखें, तो सबसे ज्यादा पैसा हथियारों और मिसाइलों पर खर्च हो रहा है।
मुनिशन और मिसाइल: करीब $320 मिलियन (₹3,040 करोड़) रोज
एयर ऑपरेशन (फाइटर जेट, बमबारी): करीब $245 मिलियन
नेवी ऑपरेशन (जहाज, पनडुब्बी): करीब $155 मिलियन
इसके अलावा इंटेलिजेंस, साइबर ऑपरेशन और लॉजिस्टिक्स पर भी भारी खर्च हो रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि यह खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो यह अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव डाल सकता है। शुरुआती दिनों में ही अरबों डॉलर खर्च हो चुके थे, जो इस संघर्ष की तीव्रता को दर्शाता है।
साथ ही, इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। तेल आपूर्ति प्रभावित होने से कीमतों में तेजी आई है, जिससे दुनिया भर के देशों, खासकर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ सकता है।
