गुजरात कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पाटन से विधायक और विधानसभा कांग्रेस के दंडक किरीट पटेल ने अपने दंडक पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। संगठन में हाल ही में की गई नियुक्तियों और स्थानीय नेताओं की अनदेखी को लेकर वे गहरी नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं।
पाटन के विधायक किरीट पटेल आज दोपहर 3 बजे अपने दंडक पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपने वाले हैं। खासतौर पर पाटन जिला अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर असंतोष सामने आया है। जयाबेन शाह को दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने और स्थानीय नेताओं की राय लिए बिना निर्णय किए जाने से किरीट पटेल बेहद नाराज बताए जा रहे हैं।
क्यों नाराज हैं किरीट पटेल?
किरीट पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब भी पार्टी में कोई अहम नियुक्ति की जाती है, तो संबंधित क्षेत्र के विधायकों और स्थानीय नेताओं को विश्वास में लेना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि उन्हें जयाबेन शाह से कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है, लेकिन बिना स्थानीय नेतृत्व की ‘सेंस’ लिए निर्णय लेना पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक परंपरा के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को मजबूत बनाना है तो गुटबाजी खत्म करनी होगी और कार्यकर्ताओं व विधायकों की राय को अहमियत देनी होगी।
हाईकमान से बातचीत तेज
इस घटनाक्रम के बीच किरीट पटेल ने विधानसभा कांग्रेस नेता अमित चावड़ा और अन्य वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बातचीत की है। पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि फिलहाल किरीट पटेल अपने फैसले पर अडिग नजर आ रहे हैं।
संगठन में बढ़ा आंतरिक तनाव
पाटन कांग्रेस कार्यालय में तालेबंदी की घटना को लेकर भी अनुशासनहीनता की चर्चाएं हो रही हैं। एक ओर जहां भाजपा अपनी स्थिति मजबूत कर रही है, वहीं कांग्रेस के भीतर चल रहा यह आंतरिक विवाद आने वाले समय में पार्टी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
