तेजी से बदलती तकनीक के दौर में भी ठगी के पुराने तरीके आज भी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। छोटा उदेपुर जिले के बोडेली कस्बे में गहने चमकाने के बहाने एक शातिर ठग ने सेवानिवृत्त शिक्षक दंपती को झांसे में लेकर तीन तोला सोने के आभूषण चुरा लिए। यह पूरी वारदात पीड़ितों की आंखों के सामने अंजाम दी गई, लेकिन वे ठग की चाल को समझ नहीं पाए।
बोडेली के अलीपुरा इलाके के गंगानगर क्षेत्र में रहने वाले एक सेवानिवृत्त शिक्षक और उनकी पत्नी इस ठगी का शिकार बने हैं। दंपती को घर पर अकेला पाकर ठग गिरोह का एक सदस्य उनके घर पहुंचा। भरोसा जीतने के लिए उसने पहले तांबे का लोटा और पायल चमकाकर दिखाए, जिससे दंपती उस पर विश्वास कर बैठे।
इसके बाद ठग ने सोने की चूड़ियां साफ करने का प्रस्ताव रखा। पीड़ित के पुत्र निमेष पटेल के अनुसार, आरोपी ने एक कटोरी में हल्दी जैसे रंग का घोल तैयार किया और उसमें तीन तोला सोने की चूड़ियां डलवा लीं। कुछ ही पलों में नजर चुराकर ठग सोने के आभूषण लेकर मौके से फरार हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बोडेली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इस तरह की ठगी की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से बार-बार अपील की जाती है कि अजनबी व्यक्तियों से गहने साफ न करवाएं, इसके बावजूद लोग लालच या विश्वास में आकर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। ऐसे गिरोह खास तौर पर घर में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को अपना निशाना बनाते हैं।
- घर आकर गहने या बर्तन चमकाने की पेशकश करने वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश न दें।
- सोने के आभूषण साफ करने के लिए कोई चमत्कारी पाउडर नहीं होता, ऐसे रसायन सोने को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- ठग बातचीत में उलझाकर गहने बदल देते हैं या घोल में गलाने का नाटक करते हैं, इसलिए घर पर इस तरह की प्रक्रिया कभी न करें।
- सोसायटी या आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत पड़ोसियों को सतर्क करें।
- किसी भी तरह का लालच मिलने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें, ताकि अन्य लोग ठगी का शिकार न हों।
