SIR विवाद: गुजरात में 9.88 लाख लोगों के नाम हटाने के लिए फ़ॉर्म-7 भरे गए, चुनाव आयोग की मौन नीति पर बवाल!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

गुजरात में चल रहे “स्पेशल इंटेंसिव रिविजन” (SIR) के दौरान मतदाता सूची में संशोधन को लेकर बड़ा विवाद उठ खड़ा हुआ है। चुनाव आयोग ने अभी तक इस मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।

राज्य में कुल 9.88 लाख से अधिक लोगों के नाम हटाने के लिए Form-7 दाखिल किये गए हैं, जो कि नाम जोड़ने के लिए भराए गए 6.88 लाख Form-6 और 6A से कहीं अधिक है। अधिकांश विपक्षी दलों का आरोप है कि इन फॉर्मों का दुरुपयोग कर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदेश कांग्रेस ने आलोचना करते हुए कहा कि कई Form-7 बिना किसी सबूत के जमा किए गए हैं और अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से इन फॉर्म-7 की सार्वजनिक सूची जारी करने तथा गलत तरीके से भरे गए फॉर्मों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में स्थानीय अधिकारियों (BLO) की रिपोर्ट न होते हुए भी फॉर्म को स्वीकार कर लिया गया।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि ये बड़े पैमाने पर किये गए दावें मतदाता अधिकारों पर सीधा हमला हैं, और अगर कोई व्यक्ति प्रमाण नहीं देता तो उसके नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए।

हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि प्राप्त सभी Form-7 और अन्य आवेदन कानूनी नियमों के अनुसार सत्यापित किये जाएंगे। प्रक्रिया जनवरी 30, 2026 तक विस्तारित कर दी गई है ताकि सभी दावों और आपत्तियों की उचित जाँच-परख हो सके।

sajagkutch
Author: sajagkutch

Leave a Comment

और पढ़ें