नए साल की पूर्व संध्या यानी 31 दिसंबर को लेकर जहां देशभर में जश्न की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं इस बीच दमण–दीव के सांसद उमेश पटेल ने गुजरात पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सांसद का कहना है कि न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए दमण आने वाले पर्यटकों को गुजरात पुलिस जानबूझकर परेशान करती है और दारूबंदी के नाम पर उनके खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें जेल तक भेज दिया जाता है।
सांसद उमेश पटेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे साल गुजरात पुलिस दारूबंदी का प्रभावी तरीके से पालन नहीं कराती, लेकिन क्रिसमस और न्यू ईयर के दौरान बाहर से आने वाले पर्यटकों को निशाना बनाया जाता है। केवल यह दिखाने के लिए कि दारूबंदी सख्ती से लागू है, पुलिस 31 दिसंबर की रात को सीमा पर सख्त कार्रवाई करती है और शराब पीने के संदेह में लोगों को गिरफ्तार किया जाता है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए सांसद उमेश पटेल ने न्यू ईयर मनाने दमण आने वाले पर्यटकों के लिए ठहरने की विशेष व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि गुजरात बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाई से बचाने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोली पटेल समाज के हॉल में सभी जरूरी सुविधाओं के साथ रहने की व्यवस्था की गई है, ताकि लोग शराब पीकर जान जोखिम में डालते हुए रात में यात्रा न करें।
हर साल दक्षिण गुजरात, वडोदरा, अहमदाबाद और महाराष्ट्र के मुंबई व आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग 31 दिसंबर का जश्न मनाने दमण पहुंचते हैं। इस वर्ष भी भारी भीड़ को देखते हुए दमण की अधिकांश होटल, गेस्ट हाउस, फार्म हाउस और अन्य ठहरने के स्थान पहले से ही फुल बुक हो चुके हैं। ऐसे में कई लोग जश्न के बाद रात में ही घर लौटने की कोशिश करते हैं, जहां उन्हें गुजरात सीमा पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
सांसद ने कहा कि जो पर्यटक न्यू ईयर सेलिब्रेशन के बाद लौटते समय गुजरात बॉर्डर पर प्रोहिबिशन केस में फंस जाते हैं, उन्हें अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, पिछले साल की तरह इस साल भी पर्यटकों को सुरक्षित ठहराव देने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, ताकि वे गुजरात पुलिस की कार्रवाई का शिकार न बनें।
