सूरत के लिम्बायत–शाहपुरा इलाके में सरकारी सस्ते अनाज की दुकानों के संचालकों को डराने-धमकाने और उनसे अवैध वसूली करने के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के एक कार्यकर्ता समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर दुकानदारों पर काला बाज़ारी का झूठा आरोप लगाकर दुकान बंद करवाने की धमकी देते हुए लाखों रुपये की उगाही करने का गंभीर आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि लिम्बायत क्षेत्र के AAP कार्यकर्ता श्रवण मूलाराम जोशी और उसके साथी संपत चौधरी ने मिलकर यह वसूली नेटवर्क चलाया था। आरोपियों ने पहले फेसबुक पर एक दुकानदार का वीडियो अपलोड कर दबाव बनाया और बाद में अपने लोगों को दुकान पर भेजकर धमकी दिलवाई। दुकानदार से कहा गया कि यदि दुकान चालू रखनी है तो हर महीने 50,000 रुपये का “हफ्ता” देना होगा, अन्यथा दुकान पर ताला लगवा दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने इसी तरह दो अन्य सस्ते अनाज की दुकानों से भी करीब 1 लाख रुपये वसूल लिए। वसूली के समय चोरी-छिपे वीडियो भी बनाए गए, ताकि भविष्य में दुकानदारों को ब्लैकमेल किया जा सके। लगातार परेशानियों और धमकियों से तंग आकर एक दुकानदार ने आखिरकार पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर श्रवण जोशी और संपत चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ लिम्बायत और गोडादरा पुलिस थाने में जबरन वसूली और धमकी देने के तहत मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला केवल लिम्बायत तक सीमित नहीं है और आने वाले दिनों में आठ से ज्यादा शिकायतें सामने आ सकती हैं। आरोपियों पर व्यापारियों को लाइसेंस रद्द करवाने और बदनाम करने की धमकी देकर अवैध वसूली करने के आरोप हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
