वडोदरा में उत्तरायण पर्व के दौरान पतंगबाजी करते समय दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाएं सामने आईं। पहली घटना वाघोडिया क्षेत्र की है, जहां छत पर पतंग उड़ाते वक्त कटी हुई पतंग की डोर पकड़ने के प्रयास में एक युवक हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। तेज करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान 34 वर्षीय शंकर राठवा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से छोटाउदेपुर जिले के टीमला गांव का रहने वाला था और वर्तमान में वाघोडिया के पवलेपुर गांव की अक्षर युग सोसायटी में रह रहा था। वह वडोदरा के सायाजी अस्पताल परिसर स्थित इंदुमती ठाकोरभाई पटेल ट्रस्ट में कार्यरत था। 14 जनवरी को उत्तरायण के दिन वह अपने परिवार के साथ घर की छत पर पतंगबाजी कर रहा था। इसी दौरान उड़ती हुई कटी पतंग को पकड़ने के लिए उसने हाथ बढ़ाया, तभी उसका हाथ पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से छू गया। जोरदार करंट लगते ही वह छत पर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलसने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की असमय मौत से परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।
दूसरी घटना वडोदरा के डांडिया बाजार, रावपुरा इलाके की है। यहां पतंग पकड़ने के दौरान एक 52 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति तीसरी मंज़िल की केबिन से फिसलकर पास के बंद मकान की छत पर गिर पड़ा। इस हादसे में उसके सिर और कमर में गंभीर चोटें आईं। मकान बंद होने के कारण घायल को बाहर निकालना संभव नहीं था, जिसके चलते फायर ब्रिगेड की मदद ली गई।
नवरंग सिनेमा के पास स्थित तीन मंज़िला मकान में यह घटना हुई। सूचना मिलते ही डांडिया बाजार फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड कर्मियों ने पूरी सावधानी के साथ घायल व्यक्ति को रेस्क्यू किया। पहले उसे दोबारा तीसरी मंज़िल पर लाया गया और फिर सीढ़ियों के सहारे नीचे उतारकर इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन घटनाओं ने उत्तरायण के उत्सव के बीच सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन द्वारा पतंगबाजी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
