पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक को विदेश मंत्रालय तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह कदम उस मिसाइल हमले के बाद उठाया गया, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ध्वज वाले दो तेल टैंकरों पर हमला हुआ और एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हो गए।
विदेश मंत्रालय ने ईरानी उप मिशन प्रमुख से मुलाकात कर भारतीय नागरिक की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की और समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। भारत ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह हमला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में हुआ, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की आपूर्ति होती है। मिसाइल हमले के बाद दोनों टैंकरों को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल के कई सदस्य घायल हुए। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
भारत सरकार ने मृत भारतीय नाविक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस घटना के बाद भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर भी पड़ सकता है।
