केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में उत्साह का माहौल बन गया। प्रदर्शनकारियों ने मिठाइयाँ बांटी, एक-दूसरे को बधाई दी और इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की बड़ी जीत बताया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दिपके ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं की सामूहिक जीत है। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी लोगों के धैर्य और शांतिपूर्ण संघर्ष की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और जब तक सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और इस फैसले को जवाबदेही तथा लोकतांत्रिक दबाव की जीत बताया। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
इस बीच राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को मोदी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम, नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और आंदोलनकारियों की बाकी मांगों पर होने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।
