गुजरात के छोटा उदेपुर जिले के नसवाड़ी तहसील के कुंडा गांव में सड़क की बदहाल स्थिति एक बार फिर ग्रामीणों की परेशानी का कारण बन गई। सांप के डसने से एक महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी, क्योंकि वहां जाने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध नहीं थी।
मजबूरी में ग्रामीणों ने महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर करीब तीन किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां पहले से खड़ी 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें अस्पताल भेजा गया। समय रहते उपचार मिलने से महिला को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में सड़क निर्माण को मंजूरी मिलने के बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। बरसात के मौसम में कच्चे और कीचड़युक्त रास्तों के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हर आपात स्थिति ग्रामीणों के लिए जीवन और मृत्यु का सवाल बन जाती है, इसलिए इस समस्या का स्थायी समाधान अब अत्यंत आवश्यक है।
