आज लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि मंत्रालय केरल राज्य सहित क्रियान्वयन करने वाले राज्यों में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत उपायों के क्रियान्वयन की निगरानी करता रहा है। प्रगति का आकलन आवधिक समीक्षाओं, क्षेत्र-स्तरीय निगरानी और संबंधित राज्य सरकार एवं क्रियान्वयन एजेंसियों से प्राप्त रिपोर्टों के माध्यम से किया जाता है। अभियान के अंतर्गत अब तक की गई प्रगति ने बुनियादी सुविधाओं और आजीविका के अवसरों में सुधार के माध्यम से केरल राज्य में पीवीटीजी के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दिया है। केरल के संदर्भ में पीएम-जनमन के अंतर्गत दिनांक 30.06.2026 तक प्रदान किए गए लाभों का मंत्रालय-वार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
केरल में पीएम-जनमन के कार्यान्वयन में कोई विशिष्ट अभ्यावेदन प्राप्त नहीं हुआ है अथवा कोई चुनौती सामने नहीं आई है।
पीएम-जनमन के अंतर्गत विद्यमान उपायों के कार्यान्वयन तथा लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी लाने हेतु, मंत्रालय संबंधित लाइन मंत्रालयों/विभागों तथा राज्य के जनजातीय कल्याण विभाग/अन्य लाइन राज्य विभागों के साथ नियमित रूप से समन्वय कर रहा है। इसके अतिरिक्त, पीएम-जनमन के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने हेतु, मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर एक परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) स्थापित की है। यह इकाई प्रगति का आकलन करने हेतु लाइन मंत्रालयों तथा राज्य सरकारों के साथ नियमित रूप से समन्वय करती है।
