भारत ने मॉस्को गोलमेज सम्मेलन में हिम तेंदुए के संरक्षण में विज्ञान आधारित प्रगति का उल्‍लेख किया, इसमें जनसंख्या अनुमान, रेडियो टेलीमेट्री और आनुवंशिक विश्लेषण शामिल

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भारत ने 26 अगस्त, 2026 को रूस के मॉस्को स्थित रूसी विज्ञान अकादमी के ए.एन. सेवेर्तसोव पारिस्थितिकी और विकास संस्थान में आयोजित हिम तेंदुए के अध्ययन और संरक्षण पर रूस-भारत गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया। यह सम्मेलन अंतरक्षेत्रीय संघ ‘इरबिस’ और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के बीच दिसंबर 2025 में हस्ताक्षरित साझेदारी समझौते के प्रारूप के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य हिम तेंदुए के अनुसंधान और संरक्षण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाना है।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने विज्ञान आधारित पहलों के माध्यम से हिम तेंदुए के संरक्षण के क्षेत्र में देश की प्रगति की जानकारी साझा की। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्‍ल्‍यूआईआई) के अधिकारियों ने हिम तेंदुए की जनसंख्या का अनुमान लगाने, रेडियो टेलीमेट्री और आनुवंशिक विश्लेषण में हुई प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने में वैज्ञानिक उपकरणों की बढ़ती भूमिका पर बल दिया।

इस बैठक में रूसी संघ के प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्रालय, रूसी विज्ञान अकादमी के ए.एन. सेवेर्तसोव पारिस्थितिकी एवं विकास संस्थान, मॉस्को चिड़ियाघर, रोसप्रिरोडनादज़ोर के प्रतिनिधि और हिम तेंदुए के अनुसंधान एवं संरक्षण के क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञ भी शामिल हुए। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने गोलमेज सम्मेलन और विषयगत चर्चाओं में भाग लिया, जिनका उद्देश्य इस प्रजाति के संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

इस गोलमेज सम्मेलन ने भारत और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को हिम तेंदुए के अनुसंधान, निगरानी और संरक्षण में ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान करने तथा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

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Author: sajagkutch

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