बीएमसी में सत्ता की खींचतान तेज, फडणवीस 50-50 फॉर्मूले पर राजी, उद्धव ठाकरे ने कसा तंज

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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में भाजपा–शिंदे गुट की महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद अब असली सियासी जंग मेयर पद को लेकर शुरू हो गई है। सत्ता संतुलन की इस लड़ाई में एकनाथ शिंदे ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं। हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका के चलते शिंदे गुट ने अपने सभी 29 पार्षदों को एक पांच सितारा होटल में ठहरा दिया है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेयर पद के लिए ढाई–ढाई साल यानी 50-50 फॉर्मूले पर बातचीत के संकेत देकर सियासी हलचल और बढ़ा दी है, जिस पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तीखा कटाक्ष किया है।

बीएमसी में मेयर पद को लेकर जारी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान दिया कि महायुति का ही मेयर बनेगा और इस मुद्दे पर किसी तरह का टकराव नहीं होगा। जब उनसे ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर एकनाथ शिंदे के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी। फडणवीस ने भरोसा जताया कि दोनों दल मिलकर बीएमसी को सुचारू रूप से चलाएंगे और मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला आपसी सहमति से लिया जाएगा।

चुनावी नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे द्वारा पार्षदों को होटल में शिफ्ट किए जाने को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। इस पर उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह पार्षदों को होटल में बंद रखा गया है, उससे ऐसा लगता है कि अब मुंबई के मेयर भी ढाई-ढाई साल के लिए तय किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे उनकी पार्टी को तोड़कर मुख्यमंत्री बनाया गया, क्या अब उसी तरीके से मेयर भी बनाया जाएगा।

उद्धव ठाकरे ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनका सपना मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) का मेयर बनाने का है और उन्हें भरोसा है कि यह सपना पूरा होगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने छल और दबाव की राजनीति से चुनाव जीता है और मुंबई को गिरवी रखने की कोशिश कर रही है। ठाकरे ने दावा किया कि भाजपा उनकी पार्टी को जमीनी स्तर पर खत्म नहीं कर पाई है, जिसका सबूत बीएमसी चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा जीती गई 65 सीटें हैं।

शुक्रवार को घोषित बीएमसी चुनाव परिणामों में महायुति गठबंधन को कुल 118 सीटें मिली हैं, जिससे उसे स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ है। हालांकि, मेयर पद को लेकर जारी रस्साकशी ने यह साफ कर दिया है कि बीएमसी की सत्ता अभी भी राजनीतिक खींचतान के केंद्र में बनी रहेगी।

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Author: sajagkutch

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