देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। इंदौर के भगिरथपुरा इलाके में दूषित और जहरीला पानी पीने से हड़कंप मच गया है। इस घटना में अब तक 3 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
मिली जानकारी के अनुसार, भगिरथपुरा क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से पीने के पानी से बदबू आने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बावजूद लोग मजबूरी में वही पानी पीते रहे, जिससे बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और पेट की गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित पानी पीने से 70 वर्षीय नंदलाल पाल, 60 वर्षीय उर्मिला यादव और 65 वर्षीय तारा कोरी की मौत हो गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मरने वालों की संख्या 8 तक हो सकती है। वर्तमान में 111 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में इलाजरत हैं, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। अब तक करीब 12,000 लोगों का हेल्थ स्क्रीनिंग किया जा चुका है। प्रभावित इलाके में मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं और घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। एक जोनल ऑफिसर और एक असिस्टेंट इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक सब-इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक वरिष्ठ IAS अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। साथ ही इंदौर कलेक्टर और नगर निगम को निर्देश दिए गए हैं कि सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और पानी की पाइपलाइन में कहां से प्रदूषण फैल रहा है, इसकी तुरंत पहचान कर उसे ठीक किया जाए।
घटना के बाद भगिरथपुरा इलाके के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नर्मदा जल सप्लाई की पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि स्वच्छता में देशभर में नंबर-1 रहने वाले शहर में पीने के पानी की सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही बेहद चिंताजनक है।
