वेनेजुएला में जारी गहरे राजनीतिक संकट के बीच विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो तथा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस मुलाकात के बाद मचाडो ने दावा किया कि उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल राष्ट्रपति ट्रंप को भेंट किया है। इस प्रतीकात्मक ‘गिफ्ट डिप्लोमेसी’ ने वॉशिंगटन से लेकर कराकस तक नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है।
यह बहुचर्चित बैठक गुरुवार को व्हाइट हाउस में लंच के दौरान हुई, जो इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के नेतृत्व वाले ऑपरेशन के तहत वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आयोजित की गई थी। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद जब मारिया मचाडो व्हाइट हाउस से बाहर निकलीं, तो उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। मचाडो ने समर्थकों से कहा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकती हैं, जिससे यह संकेत मिला कि वे अमेरिका से मजबूत समर्थन की उम्मीद कर रही हैं।
हालांकि, जब मचाडो से सीधे पूछा गया कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने उनका दिया हुआ नोबेल मेडल स्वीकार किया है, तो उन्होंने इस सवाल का स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। इस बीच, नोबेल शांति पुरस्कार देने वाली संस्था पहले ही साफ कर चुकी है कि नियमों के अनुसार नोबेल पुरस्कार को न तो ट्रांसफर किया जा सकता है और न ही किसी अन्य व्यक्ति को औपचारिक रूप से सौंपा जा सकता है।
इस मुलाकात के बाद मचाडो को व्हाइट हाउस से एक लाल रंग का गिफ्ट बैग लेकर बाहर निकलते हुए देखा गया, जिस पर डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिखा हुआ था। उस बैग में क्या था, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस दृश्य ने अटकलों को और हवा दे दी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने मारिया मचाडो को वेनेजुएला के लोगों की एक “सशक्त और साहसी आवाज” बताया, लेकिन साथ ही यह भी दोहराया कि उनके नेतृत्व को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का आकलन अब भी वही है। ट्रंप पहले भी यह कह चुके हैं कि मचाडो को देश के भीतर व्यापक जनसमर्थन हासिल नहीं है।
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता होने के बावजूद मचाडो को अमेरिकी नेतृत्व से मिला-जुला समर्थन मिलता रहा है। जहां एक ओर ट्रंप ने तेल और अन्य मुद्दों पर सहयोग के लिए अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की सार्वजनिक रूप से सराहना की है, वहीं दूसरी ओर कुछ अमेरिकी सांसदों ने मचाडो पर भरोसा जताया है।
डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी, जिन्होंने मचाडो से मुलाकात की, उन्होंने बताया कि मचाडो ने अमेरिकी सांसदों को कहा कि वेनेजुएला में दमनकारी शासन मादुरो के दौर से अब तक जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज एक कुशल नेता के रूप में उभर रहे हैं, जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन से और मजबूती मिल रही है।
गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से मारिया मचाडो को वेनेजुएला छोड़ना पड़ा था और मादुरो समर्थक सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया था। ऐसे में ट्रंप से उनकी यह मुलाकात और नोबेल पुरस्कार को लेकर किया गया दावा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए संकेत और सवाल खड़े कर रहा है।
