नासा को अपने इतिहास के पहले मेडिकल इवैक्यूएशन मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बीमार पड़े एक अंतरिक्ष यात्री को समय से पहले पृथ्वी पर वापस लाना पड़ा। इस कारण पूरे मिशन को निर्धारित समय से लगभग एक महीने पहले समाप्त करने का फैसला लिया गया। बीमार अंतरिक्ष यात्री को अन्य तीन क्रू सदस्यों के साथ सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लाया गया।
स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए चारों अंतरिक्ष यात्रियों को कैलिफोर्निया के सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में सफलतापूर्वक उतारा गया। अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होने के 11 घंटे से भी कम समय में यह कैप्सूल पृथ्वी पर पहुंच गया। चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर कुल 167 दिन बिताए थे।
इस मिशन में नासा की अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन मिशन कमांडर थीं, जबकि माइक फिंक पायलट की भूमिका में थे। जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) की अंतरिक्ष यात्री किमिया सुई और रूस के अंतरिक्ष यात्री ओलेग प्लेटोनोव भी इस मिशन का हिस्सा थे। जेना कार्डमैन और ओलेग प्लेटोनोव की यह पहली अंतरिक्ष उड़ान थी, जबकि माइक फिंक और किमिया सुई पहले से अनुभवी अंतरिक्ष यात्री हैं।
नासा ने 8 जनवरी को जानकारी दी थी कि क्रू के एक सदस्य की तबीयत खराब होने के कारण प्रस्तावित स्पेस वॉक को रद्द करना पड़ा। चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए मिशन को निर्धारित समय से पहले समाप्त करने का निर्णय लिया गया। नासा के अनुसार, बीमार अंतरिक्ष यात्री की हालत स्थिर है, लेकिन उसे पृथ्वी पर तत्काल चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता थी, इसी कारण मिशन को जल्दी समेटा गया।
यह मिशन अगस्त 2025 में शुरू हुआ था और वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी परीक्षण तथा अंतरिक्ष स्टेशन के नियमित रखरखाव जैसे अहम कार्यों को अंजाम दिया गया। नासा ने स्पष्ट किया है कि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए समय से पहले वापसी का फैसला किया गया।
