मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष अब और तेज हो गया है। हाल ही में ईरान ने इजराइल के प्रमुख शहरों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें भारी नुकसान और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने दक्षिणी इजराइल के शहरों—अराद और डिमोना—को निशाना बनाया, जहां कई मिसाइलें रिहायशी इलाकों में गिरीं। इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और कुछ जगहों पर इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।
डिमोना क्षेत्र खास तौर पर संवेदनशील माना जाता है क्योंकि यहां इजराइल का परमाणु अनुसंधान केंद्र स्थित है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, इस हमले में परमाणु संयंत्र को किसी तरह का नुकसान या रेडिएशन का खतरा नहीं हुआ है।
ईरान ने इन हमलों को जवाबी कार्रवाई बताया है। उसका कहना है कि यह हमला इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों—जैसे नतांज—पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया है।
वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस घटना को “भविष्य की लड़ाई का कठिन समय” बताते हुए सख्त जवाब देने की चेतावनी दी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है। लगातार सायरन बजने, लोगों के बंकरों में छिपने और सैन्य कार्रवाई के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द स्थिति काबू में नहीं आई, तो यह संघर्ष एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।
