ईरान को G7 की सख्त चेतावनी, ट्रंप के अल्टीमेटम से भड़का हॉर्मुज़ संकट, वैश्विक तनाव बढ़ा

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मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। G7 देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा) ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों को तुरंत रोके।

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर उसने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (Hormuz Strait) को पूरी तरह नहीं खोला, तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स और ऊर्जा ढांचे पर हमला कर सकता है।

दरअसल, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरान द्वारा इस मार्ग को आंशिक रूप से बंद करने और “दुश्मन देशों” के जहाजों को रोकने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है।

ईरान ने ट्रंप की चेतावनी का जवाब देते हुए कहा है कि यदि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया, तो वह पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी और उसके सहयोगियों के इंफ्रास्ट्रक्चर—जैसे ऊर्जा, आईटी और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं—को निशाना बनाएगा।

इस बीच, ईरान-इजराइल संघर्ष और तेज हो गया है, जिसमें मिसाइल हमले, एयर स्ट्राइक और लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और कई देशों में ईंधन संकट की आशंका पैदा हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जल्द नहीं रुका, तो यह एक बड़े वैश्विक संकट में बदल सकता है, जिसका असर सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ेगा।

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Author: sajagkutch

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