मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर चल रही बातचीत किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। इसी बीच अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है। जवाबी कार्रवाई की आशंका के चलते पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक प्रयासों के ठप पड़ने से संघर्ष लंबा खिंच सकता है। लगातार हो रहे सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। तेल परिवहन मार्गों पर बढ़ते खतरे के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए निकट भविष्य में युद्धविराम की संभावना कमजोर दिखाई दे रही है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि सैन्य अभियान इसी तरह जारी रहे, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता, वैश्विक व्यापार और विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
