संसद प्रश्न: ब्रह्मपुत्र बाढ़ पूर्वानुमान और जलवायु अनुकूलन मिशन

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पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024 में केंद्रीय योजना ‘मिशन मौसम’ को मंजूरी दी थी जिसका उद्देश्य असम सहित भारत को मौसम के प्रति तैयार और जलवायु जानकारी संपन्‍न राष्ट्र बनाना है। मिशन का लक्ष्य मौसम और जलवायु पूर्वानुमानों की सटीकता और स्थानिक परिशुद्धता बढ़ाना है। इसके लिए अवलोकन नेटवर्क सुदृढ़ बनाना, उच्च-क्षमता संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल विकसित करना, अत्‍याधुनिक कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों का उपयोग और विभिन्न प्रकार की मौसम संबंधी चरम घटनाओं के बारे में समय पर प्रारंभिक चेतावनी सहित मौसम एवं जलवायु संबंधी जानकारी अंतिम छोर तक पहुंचाने में सुधार शामिल है। इसके अलावा, जल शक्ति मंत्रालय के अधीन केंद्रीय जल आयोग को असम जैसे हिमालयी राज्यों सहित पहचान किए गए स्थानों पर संबंधित राज्य सरकारों को चौबीस घंटे की अग्रिम अवधि के साथ अल्पकालिक बाढ़ पूर्वानुमान जारी करने का काम सौंपा गया है। केंद्रीय जल आयोग असम में ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों तथा बराक नदी और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ पूर्वानुमान के 32 केंद्र संचालित करता है।

मौसम की चरम निगरानी, पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी सेवा संबंधी क्षमता उन्‍नत बनाने के लिए मौसम विज्ञान मंत्रालय समय-समय पर उन्नत तकनीकों और प्रौद्योगिकी अपनाता रहा है। मंत्रालय के अधीन भारतीय मौसम विज्ञान विभाग कई संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडलों का उपयोग करता है, जिनमें छह भौतिक मॉडल और तीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मॉडल शामिल हैं। मौसम पूर्वानुमान संबंधी निर्णय के लिए बहु-मॉडल समूह तकनीक और बहु-खतरा प्रारंभिक चेतावनी निर्णय सहायता प्रणाली (एमएचईडब्ल्यू-डीएसएस) का उपयोग किया जाता है। केंद्रीय जल आयोग ने अल्पकालिक पूर्वानुमानों के बारह स्‍तर के पूर्वानुमान स्टेशनों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता/मशीन लर्निंग आधारित मॉडल विकसित किए हैं, जिनमें से 8 असम में ब्रह्मपुत्र नदी घाटी में स्थित हैं।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान विभाग के अधीन 8 क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्रों और 25 मौसम विज्ञान केंद्रों के व्‍यापक नेटवर्क द्वारा असम सहित देश भर में राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर मौसम संबंधी जानकारी प्रदान की जाती हैं। विशेष रूप से, गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र असम और देश के अन्य पूर्वोत्तर क्षेत्रों को यह सेवाएं प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, सिक्किम में गंगटोक स्थित मौसम केन्‍द्र असम को मौसम की जानकारी प्रदान करता है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित मौसम विज्ञान वेधशालाएं भी इनमें सहयोग प्रदान करते हैं। यह मौसम और जलवायु संबंधी डेटा निरंतर रिकॉर्ड करते हैं और निगरानी, पूर्वानुमान और खतरे की पूर्व चेतावनी देने में सहायक होते हैं।

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Author: sajagkutch

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